Thursday, June 22, 2017

अमलेंदु आ चन्दन कें साहित्य अकादमी पुरस्कार भेटल

साहित्य अकादमी क' अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद त्रिपाठी क' अध्यक्षता मे आई दुपहरिया गुवाहाटी मे बाल साहित्य पुरस्कार आ साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार के घोषणा कयल गेल. मैथिली मे बाल साहित्य पुरस्कार, अमलेंदु शेखर पाठक कें उपन्यास लालगाछी लेल भेटल आ साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार, चंदन कुमार झा कें काव्य संग्रह धरती सं अकास लेल भेटल. पुरस्कार मे ताम्रफलक आ पचास हज़ार टका दुदू गोटे कें साहित्य अकादमी एकटा पुरस्कार समारोह मे 14 नवंबर के देल जाएत.

बाल साहित्य पुरस्कार लेल जूरी मे इन्द्रकांत झा, प्रभास कुमार झा आ शशिनाथ झा छलथि आ साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार लेल जूरी मे वैद्यनाथ चौधरी, मन्त्रेश्वर झा आ योगेन्द्र पाठक छलथि. मिथिला प्राइम दिस सं अमलेंदु आ चन्दन के ढेर रास बधाई.

  

Saturday, May 20, 2017

नव बनि रहल शक्ति आ शिव पर्यटन सर्किट मे मिथिलाक बहुतो पावन धाम कें जगह

प्रदेश मे तीन टा धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित कयल जाएत. शक्ति, शिव आ सिख सर्किट. पर्यटन विभाग एकरा विकसित करबाक लेल विस्तृत रिपोर्ट बना केंद्र सरकार के पठेलक. केंद्रीय पर्यटन विभाग सं एकरा लेल फंड सेहो मानल जाएत. 

बिहार पर्यटन दृष्टिये बड्ड महत्वपूर्ण क्षेत्र छैक मुदा राज सरकार पर बेर-बेर इ आरोप लगैत रहैत छैक जे पर्यटन के बढ़ावा देबा लेल प्रदेश सरकार गंभीर नहि. राज्य मे अखन हिन्दू सर्किट, जैन सर्किट, गांधी सर्किट, रामायण सर्किट, बुद्ध सर्किट आ सूफी सर्किट छैक जेकर स्थिति सेहो नीक नहि कहल जा सकैछ. आब शक्ति, शिव आ सिख सर्किट क' विकास लेल योजना बनाओल गेल अछि. 
शक्ति सर्किट : शक्ति सर्किट मे पटना क' कालीमंदिर, बड़की-छोटकी पटन देवी आ शीतला माता मंदिर, सारण क' आमी, गोपालगंज क' थावे, कैमूर क' मुंदेश्वरी, सहरसा क' उग्रतारा स्थान, मधुबनी क' उच्चैठ आ रोहतास मे मां तारा चंडी स्थान के विकसित कयल जाएत.

शिव सर्किट : मुजफ्फरपुर मे बाबा गरीब नाथ, मोतिहारी मे सोमेश्वर नाथ महादेव, सीतामढ़ी मे बाबा नागेश्वर नाथ, शिवहर मे देकुली भुवनेश्वर नाथ धाम, भागलपुर मे सुल्तानगंज क' बाबा अजगेबीनाथ, मधेपुरा क' सिंहेश्वर स्थान, दरभंगा मे कुशेश्वर स्थान आ कटिहार मे गोरखनाथ मंदिर के शिव सर्किट के रूपे विकसित कयल जाएत. 



सिख सर्किट : पंजाब क' बाद सिख धर्मावलंबी क' सभसं पैघ तीर्थस्थल बिहार अछि. राज्य क कतेको गाम मे एहन गुरुद्वारे अछि जतय हस्तलिखित गुरु ग्रंथ साहिब छैक. पटना साहिब गुरुगोविंद सिंह क' जन्मस्थली अछि. ओतहि, तेगबहादुर सेहो बहुतो ठाम बिहार मे घूमलनि. एहन-एहन ऐतिहासिक स्थल कें चुनि कें सिख सर्किट मे जोड़ल जाएत.

सांसदक हाल संसद मे

16म लोकसभा मे बिहार सं 40 टा सांसद छथि. जनता हिनका सभ कें समस्याक सामाधान आ आवाज उठेबा लेल संसद पठौलनि. मुदा की अहां के बूझल अछि जे अहांक सांसद क' हाल संसद मे की अछि? मिथिला प्राइम बता रहल अछि 12 टा सांसदक हाल.


डाटा पीएसएस क' वेबसाइट सं लेल गेल अछि.

Friday, May 12, 2017

सात टा दमगर मैथिली शार्ट फिल्म, जे जरुर देखबाक चाही.

मैथिली मे आइ धरि गिनल-चुनल फिल्म बनल अछि जेकरा अंगुरी पर गानल जा सकैत अछि. ममता गाबय गीत आ कन्यादान क' बाद जौं किछु नाम जे लेल जा सकैत अछि जाहि मे सस्ता जिनगी महग सेनुर, मुखिया जी, ललका पाग, मिथिला मखान क' नाम प्रमुखता सं लेल जा सकैत अछि. आइ गप्प मैथिली लघु फिल्म सभ पर. लघु फ़िल्मक हाल सेहो बेहाल छैक.

लेखक मंत्रेश्वर झा कहै छथिन, 'हम मानैत छी जे मैथिली लेखन मे एक प्रकारक लौल छोड़ि आओर किछु नहि छैक.'  इ गप्प मैथिली सिनेमा पर सेहो पूर्ण रूपे फिट बैसैत छैक. मुदा एहि लौल मे किछु नीक काज सभ सेहो होइत छैक, जे हमरा सभ धरि पहुंच नहि पबैत अछि आ ने हम सभ पहुंचबाक कोशिश करय छी. हम पहिल लघु फ़िल्मक जौं गप्प करी त' अमितेश शाह कें निर्देशन मे बनल लघु फिल्म कमला देखने रही जेकरा आइयो धरि नहि बिसरि सकलौं.

#1 कमला 
फिल्म एचआइवी सं संक्रमित एकटा ग्रामीण महिला पर अछि. एचआइवी सं संक्रमित लोक सभसं संगे केहन व्यवहार कयल जाइत अछि, फिल्म मे देखाओल गेल छैक. फ़िल्मक बीच क' संगीत नीक कहल जा सकैत छैक. निच्चा पूरा फिल्म देखी.


#2 अफवाह 
रमेश रंजन द्वारा लिखल आ पुर्नेंदु झा द्वारा निर्देशित इ फिल्म बनाओल गेल अछि. मीडिया, हत्या, पुलिस, अपहरण, मधेश आ राजनीति क' बीच सच आ फूइस क' बीच अप्पन कनटिरबा लेल डराएल एकटा बाप. निच्चा पूरा फिल्म देखी.

#3 पंचैती
गामक पंचैती मे एकटा महिला पर गलत आरोप लगा ओकरा गाम सं निकालि देल जाइत छैक. एहि पंचैती क' बाद ओहि क्षेत्र मे फेर कोनो पंचैती नहि भेलै आ बहुतो महिला गलत पंचैती सन बचि गेली. निच्चा पूरा फिल्म देखी.


#4 कांच बासन 
एकटा बचियाक खिस्सा जेकर बियाह लेल माय-बाबू अगुतैल छथिन मुदा धिया क' जवाब सुनि स्तब्ध भ' जाइ छथि. निच्चा पूरा फिल्म देखी.

#5 कफ़न 
प्रेमचंद्र द्वारा लिखल गेल कफ़न, मैथिली मे अचल मिश्र द्वारा बनाओल गेल अछि. खिस्सा त' सभकें बुझले होएत मुदा फ़िल्मक सिनेमेटोग्राफी देखबाक जोगर अछि.

#6 हम बियाह नहि करब 
हम बियाह नहि करब, बाल बियाह पर आधारित एकटा शार्ट फिल्म छैक जे झा विकास द्वारा बनाओल गेल अछि.

#7  दी सस्पेक्ट 
इ सभ सं टटका मैथिली शार्ट फ़िल्म छैक. 'मिथिला मखान' बना नेशनल अवार्ड जीतनाहर नितिन चंद्रा द्वारा निर्देशित एहि फ़िल्मक मुख्य पात्र, अब्दुल रहीम अंसारी छथि जिनका पर आतंकवादी हमला सं जुड़ल हेबाक अंदेशा छै, की अपना आपके निर्दोष साबित क' सकत? जनबाक लेल फिल्म देखी. इ पहिल एहन मैथिली फिल्म छैक जेकरा ऑनलाइन देखबा लेल अहां कें 25 टका खर्चा करय पड़त. फ़िल्मक ट्रेलर देखी.
पूरा फिल्म एतहि देखि सकैत छी.

'मुखिया जी' फिल्म बनौनिहार विकास झा जल्दिये एकटा नव मैथिली शार्ट फिल्म 'कवि कल्पना' ल' आबि रहल छथि. सोशल मीडिया एहि फ़िल्मक मेकिंग विडियो सं छारल छैक. इ फिल्म मे पूरा कविता छैक, यैह एकरा खास बनबै छैक. 

दरभंगा, मुजफ्फरपुर आ दलसिंहसराय मे जल्दिये कॉल सेंटर खुजत : रविशंकर प्रसाद

केंद्रीय आईटी आ कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद बीतल बृहस्पति कें पटना में टीसीएस क' पहिल बीपीओ सेंटर क' उद्घाटन केलनि. एहि बीपीओ क' कैपेसिटी अखन एक हजार अछि जेकरा आगू बढ़ा 1900 कयल जाएत.

पटना मे कॉल सेंटर क' उद्घाटन करैत रविशंकर प्रसाद
रविशंकर प्रसाद पटना लेल एकरा ऐतिहासिक बताबैत कहलनि जे," इ मात्रे टा शुरूआत छैक. पटना में 6 टा आओर बीपीओ खुजत, संगे दरभंगा, मुजफ्फरपुर आ दलसिंहसराय मे सेहो जल्दिये कॉल सेंटर खुजत."

मौका पर टीसीएस क' सीईओ राजेश गोपीनाथन कहलनि जे युवाक आबादी देशक करीब आबादी क' 65 फीसदी छैक आ एहि म सं अधहा पच्चीस बरख सं कम उम्रक संग डिजिटली लिट्रेट छथि. एहि कॉल सेंटर खुजला सं राज्यक युवा कें लाभ भेटत.

Saturday, May 6, 2017

कविता : जौं ककरो आन सन लिखबाक फ़िराक़ में छी त' बिसरि जाउ

सभसं पहिले इ कविता के इंग्लिश में पढ़ने छलौं, ओकरा बाद हिंदी मे पढ़लौं. अओर पियरगर लागल. आब अहां सभ लेल मैथिली मे सेहो.
जौं फूटि के नहि निकलय
बिना कोनो कारणे
नहि लिखू
जौं बिन पूछने-बतेने नहि बरसय
अहांक मोन आ माथ
आ जबान आ पेट सं
नहि लिखू
जौं घंटों बैसय पड़य
अप्पन कम्प्यूटर के तकैत
या टाइपराइटर पर बोझ बनल होए
तकैत करमजरुआ शब्द कें
नहि लिखू
जौं पाइक लेल
या नामक लेल लिखि रहल छी
नहि लिखू
जौं लिखि रहल छी
जे इ बाट छैक
कोनो स्त्री केन बिछौन धरि अनबाक
नहि लिखू
जौं बैस क' अहांकें
बेर-बेर करय पड़ैत अछि सुधार
जाए दियौ
जौं लिखबाक सोचिये
होइत अछि तनाव
छोड़ि दियौ
जौं ककरो आन सन
लिखबाक फ़िराक़ में छी
त' बिसरि जाउ
जौं समय लगैत अछि
भीतर सं चिचएबा मे
त' ओकरा कनिक समय दियौ
जौं तयौ नहि भ' रहल होइ
त' समान बान्हि लिए
जौं पहिले पढ़ि के सुनाबय पड़ैत अछि
अप्पन कनिया या प्रेमिका या प्रेमी
या मां-बाप या अनचिन्हार आलोचक कें
त' अखन कांच छी अहां
अनगिनत लेखक सन नहि
ओहि हज़ार जेंका
जे कहैत छथि अपना कें लेखक
सुस्त, ढीठ आ मुंहजोड़
स्व-मैथुन क' मारल
दुनिया भरिक पुस्तकालय
त्रस्त भ' गेल अछि
अहां सभ सन सं
नहि बढ़ाऊ एकरा
आग्रह अछि, नहि बढ़ाऊ
जावत धरि अहांक आत्माक माटि सं
पैघ दूरीक मारक रॉकेट जेंका
नहि निकलैत लफ़्ज़,
तावत धरि चुप रहू
अहांकें पूर्णिमाक चानक भेड़ियां जेंका
नहि क' देत पागल या हत्यारा
जखन धरि अहांक नाभि क' सुरुज
अहांक घर मे आगि नहि लगा देत
नहि नहि नहि लिखू
किएक त' जखन समय आएत
आ भेटल होएत अहांकें ओ वरदान
अहां लिखब आ लिखैत रहब
जावत धरि भस्म नहि भ' जाएत
अहां या इ हवस
कोनो आओर तरीका नहि अछि
आ ने कोनो तरीका छल कहियो
मूल चार्ल्स बुकोव्स्की लिखने छथि, अनुवाद आदित्य द्वारा.

Thursday, May 4, 2017

साहित्य अकादमी क' उत्तर-पूर्वी लेखक सम्मेलनक मेजबानी दरभंगा करत

साहित्य अकादमी क' एहि बेरुक उत्तर-पूर्व आ उत्तरी लेखक सम्मेलन दरभंगा मे होएत. दू दिनी कार्यक्रम 13-14 मई कें होएत. 13 मई कें 11 बजे चन्द्रनाथ मिश्र अमर उद्घाटन करता आ ओकरा बाद अजित कुमार हिंदी मे, थोकचम चंद्र मणिपुरी मे, स्वयंप्रभा मैथिली मे आ मुश्ताक अहमद उर्दू मे कविता पाठ करता.


एहि दू दिनी कार्यक्रम मे, पांच सत्रक होएत जाहि मे देश भरि सं साहित्यकार लोकनि दरभंगा एता. पहिल दिन, पहिल सत्र खिस्साक नाम रहत त' दोसर सत्र कविताक नाम. दोसर सत्र मे 'आकार', गुवाहाटी द्वारा बिहु नृत्यक प्रस्तुति सेहो देल जाएत. दोसर दिन, पहिल सत्र मे समकालीन साहित्यिक प्रवृति पर विचार-विमर्श होएत, दोसर सत्र मे लेखन, जूनून वा जीविका पर विचार-विमर्श आ तेसर आ अंतिम सत्र कविताक नाम रहत.

कार्यक्रम ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय क' वाणिज्य आ व्यापार प्रबंधन विभाग क' सभागर मे संपन्न होएत. एहि कार्यक्रम संगे पोथी प्रदर्शनी सेहो होएत जतय विशेष छूट पर पोथी भेट सकत. 

Tuesday, May 2, 2017

संपादकीय : दू दशक बाद नेपाली नागरिक कें स्थानीय जनप्रतिनिधि चुनबाक अवसर आएल अछि

स्थानीय निर्वाचनमे अहां अप्पन मताधिकारक प्रयोग क' स्थानीय सरकार बनेबामे सहभागी भ' सकैत छी. दू दशकके बाद नेपाली नागरिक कें स्थानीय तहमे जनप्रतिनिधि चुनबाक अवसर आएल अछि. संविधानमे स्थानीय तहमे बहुत रास अधिकारसभके व्यवस्था कएल गेल अछि. एहिसं स्थानीय तहमे रहनिहार जनता अपन घर आंगनमे सिंह दरबार पहुंचल महसुस करत.
निर्वाचन आयोगके अनुसार 744 स्थानीय तहमे दू चरणमे चुनाव होएत. निर्वाचन आयोग बैशाख 31 गते रविदिन देशभरि एक्कहि चरणमे 744 स्थानीय तहमे निर्वाचन करबाक तयारी कएने छल मुदा बादमे बैशाख 31 गते रविदिन पहिल चरणमे आ 2074 जेठ 31 गते बुधदिन दोसर चरणमे निर्वाचन होएत. पहिल चरणके लेल प्रदेश 3,4 आ 6 आ दोसर चरणमे प्रदेश 1,2,5 आ 7 अन्तर्गतके जिलामे निर्वाचन होएत.

निर्वाचन दू चरणमे भलेहि होइ मतदाता नामावली, मतपत्र आ मतदाता परिचय जे छपा गेल अछि वएह प्रयोग होएत से निर्वाचन आयोग जनौलक अछि. तहिना नव मतदाता नामावली सङ्कलन सेहो नहि होएत.
मतदाताक संख्याके आधारके विश्लेषण क' देशभरि 10 हजार 640 मतदान स्थल आ 18 हजार 572 केन्द्र रहत. पहिल चरणके लेल 4 हजार 60 स्थल आ 7 हजार 311 मतदान केन्द्रमे निर्वाचन होएत.
जे काजसभ सिंहदरबारसं होइत आएल छल ओ काजसभ आब स्थानीय इकायसं होएत. गाउँ पालिका आ नगरपालिकाके रुपमो स्थानीय तहके इकाइसभके बांटल गेल अछि. गाउँपालिका आ नगरपालिकामे स्थानीय सरकार बनेबाकेलेल हरेक मतदाताके कर्तव्य अछि जे ओ वृहत जनहितके ध्यानमे रखैत अपन मताधिकार प्रयोग करए.
जँ जनता सही जनप्रतिनिधि नहि चुनि सकत त फेरो स्थानीय तह अधिकार सम्पन्न हेबाक कोनो अर्थ नहि. कियाक त एहिसं पहिने सेहो स्थानीय निकायमे बहुत अधिकार छल मुदा जनप्रतिनिधिविहीन संरचनाके कारण बजेटके सदुपयोग नहि भ’ सकल आ जनताके समस्या जहिनाके तहिना रहल. दलीय भागबण्डामे दू दशकसं स्थानीय निकाय दम तोडि रहल अछि. विकासके नामपर कर्मचारीतन्त्र आ दलीय प्रतिनिधिके सिण्डिकेट कायम भेल अछि. एहन विकृतिके रोकबालेल सेहो स्थानीय तहके चुनाव भेनाइ आवश्यक अछि.
देशके राजनीतिक उचारचढाव आ मधेशमे असन्तुष्टिके कारण चुनाव होएत कि नहि ताहिमे बहुतो आशंका व्यक्त कएल जा रहल अछि. प्रधानन्यायाधिश सुशीला कार्कीपर महाभियोग प्रस्ताव लगौनाइ, गृहमन्त्रीके पदसँ बिमलेन्द्र निधि कें राजीनामा आ संविधान संशोधनके विषयमे अनिश्चिततासँ चुनावक भविष्य मझधारमे पडल नैया जकाँ भ’ गेल अछि.
मधेश केन्द्रित राजनीतिक दल जँ चुनावमे नहि भाग लेत त तराई मधेशके जिल्लामे चुनाव करौनाइ चुनौतीपूर्ण रहल चुनाव आयोग कहैत आएल अछि. सरकार मधेशमे चुनावक माहौल बनेबालेल आ मधेशी राजनीतिक शक्तिके समेटबालेल संविधान संशोधन विधेयक सेहो दर्ता करौने अछि मुदा आवश्यक संख्या पहुंचायब मुश्किल अछि. विपक्षी एमाले कोनो हालतमे विधेयक पारित नहि करेबाक अडान लेने अछि जँ संशोधन विधेयक पारित नहि होएत त चुनावमे नहि जायब से अडानपर मोर्चा कायमे रहत त तराई मधेशके जिल्लामे चुनाव असम्भव प्रायः अछि.
राजनीतिक सहमतिक’ देशभरिमे चुनाव हेबाक चाही. तराई मधेशके जिल्लाके जँ मात्र अलग थलग क’ चुनावी रथ आगू बढल त देशके दीर्घकालीन हितमे नहि होएत. मूलधारके राजनीति कमजोर होएत आ न्यायप्रेमी जनता शासन व्यवस्थासँ अपनाके अपहेलित महसुस करत. मधेश चुनाव नहि चाहैत अछि से बात नहि, मुदा मधेशके चुनावविरोधीके रुपमे चित्रण करबाक काज सेहो भ’ रहल अछि. मधेशमे अपन राजनीतिक भविष्य नहि देखनिहार दलके अपन दृष्टि साफ करबाक चाही. जनता देशके मूलप्रवाहमे आगू बढ’ चाहैत अछि एकरा अनदेखी नहि कएल जाए.
स्थानीय तहके चुनाव नहि क’ संसदीय चुनाव करबाक तानाबाना सेहो बुनल जा रहल खबर चर्चामे अछि. एहिसं नेतासभ त अधिकार सम्पन्न होएत मुदा जनताके हाथमे शुण्य लागत. संसदीय चुनाव सेहो आवश्यक अछि मुदा स्थानीय तहके चुनाव जँ भ’ गेल त स्थानीय तहमे विकास निर्माणके काजके गति भेटत. भूकम्पप्रभावित जिल्लामे स्थानीय जनप्रतिनिधि भेलासँ प्रभावितस्थानमे पुननिर्माणमे सहयोग होएत.

नोट : इ आलेख गोरखापत्र सं लेल गेल अछि.

Monday, April 24, 2017

बिहारक पहिल स्वर कोकिला क' बरसी पर विशेष : विंध्यवासिनी देवी

मुजफ्फरपुर मे जनमल विंध्यवासिनी देवी कें सभसं पहिले बिहार कोकिला कहल गेल छल. मगही फिल्म 'भैया' सेहो विंध्यवासिनी देवीक गीत छल. फणीश्वर नाथ रेणु क' उपन्यास मैला आंचल पर बनय वला फिल्म 'डागडर बाबू' लेल आरडी बर्मन क' निर्देशन मे सेहो दू टा गीत लिखने छलथि. 

ओहि समय मे कैसेट, सीडी, यूट्यूब नहि होइत छलै, जखन आकाशवाणी पटना सं विंध्यवासिनी देवी, गाम-गाम तक लोक संगीत पहुंचा रहल छली. पटना मे विंध्य कला मंचक स्थापना क' कतेको विंध्यवासिनी कें तैयार केलनि. 2005 क' अंत सं विंध्यवासिनी बीमार रहय लगली आ 2006क' अप्रैल मे नहि रहली.

मैथिली फिल्म कन्यादान लेल 'हो रामा पिया रे बिनु' लिखने छलथि जेकरा मन्ना डे गेने छथि आ लागले हिंडोलवा अमवा के डार सेहो लिखने छलथि जे उषा मंगेशकर आ कमल बरोट गेने छलथि. 

हिनका द्वारा गायल गेल किछु प्रमुख लोकगीत क' बोल 

गरजे-बरसे रे बदरवा...
हरि मधुबनवा छाया रे...
हमसे राजा बिदेसी जन बोल...

जखन महात्मा गांधी चंपारण जेबा लेल मुजफ्फरपुर आयल छला तखन विंध्यवासिनी सं प्रभावित भेल छलथि, तखन तिरहुत क्षेत्रक महिला सभ मे 'हम साड़ी ना पहिनब बिदेसी हो पिया देसी मंगा द...' गीत लोकप्रिय भ' गेल छलै, जे विंध्यवासिनी द्वारा लिखल आ प्रसारित कयल गेल छल.

विंध्यवासिनी देवी कें संगीत नाटक अकादमी सम्मान, पद्मश्री सम्मान, बिहार रत्न सम्मान, देवी अहिल्या बाई सम्मान, भिखारी ठाकुर सम्मान लगाएत बहुतो पुरस्कार भेटलन. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हिनकर कृति आ लोक गायिकी सं प्रभावित भ' स्वर कोकिला क' उपाधि देने छलथि.

हिनका मैथिली, मगही आ भोजपुरी पर समान अधिकार छल. हिनक आवाज मे बहुत कम ऑडियो/वीडियो इंटरनेट पर उपलब्ध अछि, ओहि म' सं किछु सुनी :


                                          

                                         


हमर मंजिल फिल्मी दुनिया कखनो नहि रहल, हमर मंजिल शास्त्रीय संगीत अछि : मैथिली ठाकुर

मैथिली ठाकुर कें राइजिंग स्टार नहि बनबाक कोनो दुःख नहि छन. मैथिली शास्त्रीय संगीतक एकटा घराना बना ओकरा बेस मजगूत बनेबाक योजना पर काज करबाक अछि. मैथिली, मिथिलावासी लगाएत देशवासी समर्थक कें एतेक सपोर्ट करबा लेल धन्यवाद कहलनि, जाहि सं वो रनर अप रहली.


बताबी जे, मैथिली ठाकुर एहि प्रतियोगिता मे सभसं फ़ाज़िल वोट भेटलन मुदा फाइनल मे बेनेट दोसांझ सं हारि गेली. मैथिली ठाकुर क' मानब अछि जे संगीत एकटा साधना छैक आ सभ किछु आसानी सं नहि भेटैत छैक. मीडिया सं गप्प करैत मैथिलि कहलनि जे "हमर मंजिल फिल्मी दुनिया कखनो नहि रहल, हमर मंजिल शास्त्रीय संगीत अछि आ हमरा शास्त्रीय संगीत मे आओर काज करबाक अछि आ अप्पन घराना बना ओकरा प्रसिद्धि  दियेबाक अछि."

कनिये समय मे संगीत क' क्षेत्र मे अप्पन मधुर आवाज सं अमिट छाप छोड़नाहिर मैथिली ठाकुर कें संगीत विरासत मे भेटल अछि, मधुबनी जिलाक बेनीपट्टी (उड़ेन गाम) क' रहनिहाइर मैथिली कें संगीतक प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा अप्पन दादा बच्चा ठाकुर आ पिता रमेश ठाकुर सं भेटल.